पीरियड लाने के 10 असरदार घरेलू व आयुर्वेदिक उपाय
और अधिक जानें

पीरियड्स जल्दी लाने के 10 घरेलू उपाय: आसान और सुरक्षित

Maximum Delay in Periods: What’s Normal & When to Worry?

How to Control PCOD Naturally - Ayurvedic Remedies & Tips

Top 15 Natural Ways To Balance Hormones in Females

7 Days PCOS Diet Chart: Foods to Eat and Avoid
Frequent Asked Questions
अशोक चूर्ण और लोध्र चूर्ण को सबसे सुरक्षित और असरदार माना जाता है। ये दोनों गर्भाशय को मजबूत करते हैं और बिना साइड इफेक्ट के पीरियड नियमित करने में मदद करते हैं।
अगर रोज दो बार पका पपीता खाया जाए, तो इसका असर 24 से 48 घंटे में दिख सकता है। लेकिन हर शरीर अलग होता है, इसलिए फर्क हो सकता है। यह उपाय खासकर तब फायदेमंद है जब पीरियड हल्के से देरी से आ रहे हों और शरीर में हार्मोन असंतुलन की वजह से पीसीओएस के लक्षण भी दिखने लगे हों।
हल्दी वाला दूध कम से कम 7 दिन तक लगातार रात में सोने से पहले लें। यह शरीर में गर्मी बढ़ाता है और पीरियड लाने में मदद करता है।
कुछ उपाय जैसे त्रिफला, लोध्र चूर्ण और कुमारी आसव पीसीओएस में मदद करते हैं। लेकिन बेहतर होगा कि Gynoveda जैसे आयुर्वेद विशेषज्ञ से राय लेकर ही शुरू करें।
किशोरियों के लिए पपीता, हल्दी वाला दूध और त्रिफला सबसे सुरक्षित हैं। किसी भी चूर्ण या आसव से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, खासकर कम उम्र में।
हां, प्रेग्नेंसी के दौरान इन उपायों से बचना चाहिए। ये यूटेरस को एक्टिव कर सकते हैं जो गर्भपात का कारण बन सकता है। पहले प्रेग्नेंसी की पुष्टि कर लें।
कुमारी आसव दिन में दो बार खाना खाने के बाद 10 से 15 ml की मात्रा में लिया जाता है। इसे गुनगुने पानी के साथ मिलाकर पीना चाहिए।
तिल और गुड़ शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं। अगर इनका ज्यादा सेवन किया जाए तो कुछ महिलाओं में रक्तस्राव बढ़ सकता है। मात्रा संतुलित रखें और सावधानी बरतें।
गर्म पानी की थैली अगर जरूरत से ज्यादा गर्म या लंबे समय तक लगाई जाए तो जलन हो सकती है। हल्की गर्माहट के साथ 10-15 मिनट तक इस्तेमाल करें।
अशोक चूर्ण का असर आमतौर पर 2 से 3 हफ्तों में दिखने लगता है। रोजाना नियमित रूप से लेना जरूरी है। असर न दिखे तो डॉक्टर से संपर्क करें।



